रविवार, 2 जुलाई 2017

सीमा कौशिक ने मेरी पुस्तक से अपना शेयर बाजार का रिस्क फ्री डायवर्सिफाईड पोर्टफोलियो कैसे बनाया?

मेरे प्यारे पाठको,
 नमस्कार,
आपको याद होगा हाल ही मैं मेरी एक अंग्रेजी पुस्तक "Top 100 Diversified Undervalued Indian Stocks For FY 2017-2018" का ई वर्जन पब्लिश हुआ है  और यह पुस्तक अभी सिर्फ एन्ड्रोईड डीवाईस पर किन्डले एप से पढने के लिये उपलब्ध है
हालांकि इसका पेपरबैक संस्करण पोथी डोट कोम से प्रकाशित होकर जल्दी ही उपलब्ध हो जायेगा। चूंकि इसका हिन्दी वर्जन पब्लिश करने की मेरी कोई योजना नहीं है क्यों कि मैं अभी अपनी आगामी पुस्तक "कैसे पहुंचा अब्दुल शेयर बाजार के शून्य से शिखर तक" को पूर्ण करने में लगा हुआ हुं तथा अन्य कई उत्पादक गतिविधियों में व्यस्त होने से इतना समय ही नहीं है कि मैं इसका हिन्दी संस्करण भी आपको दे सकूं। 
इसलिये इस बार मैने मेरे हिन्दी पाठकों के लिये मेरे हिन्दी ब्लोग का चयन किया है जिसमें में आपको इस पुस्तक का प्रैक्टीकल उपयोग तथा इसकी परफोरमेन्स स्टेप बाई स्टेप सीखाना चाहता हुं।
चलिये अब बताते हैं आपको संक्षेप में कि इस पुस्तक में क्या लिखा था इसमें मैने भारत के बाजार की सबसे अधिक मार्केट कैप वाली 500 कपंनियों में से 100 ऐसी कंपनियों का सेलेक्शन किया है जिनकी नेट सेल पर शेयर ज्यादा है परन्तु प्राइस के अनुसार उनके सेक्टर में उनका प्राईस/नेट सेल पर शेयर रेशो सबसे कम है। 
इस प्रकार इसमें 100 अलग अलग सेक्टरों की 100 कंपनियों की सूची व उनका संक्षिप्त विवरण दिया है जिनका मार्केट प्राईस /नेट सेल पर शेयर उनके सेक्टर में कम होने के साथ साथ वो भारतिय शेयर बाजार की सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली 500 कपंनियों में से एक है।
ज्यादा जानकारी के लिये तो आपको ये पुस्तक खरीदनी पड़ेगी जिसका लिंक में आगे उपलब्ध करवा दुंगा।
अब इस पुस्तक को खरीदने के बाद मैने निवेश करने की तीन अलग अलग विधियां बतायी है।
1. पहली विधी में यदि आप लोन्ग  टर्म निवेशक है तथा आपके पास बहुत पैसा है जो आपको कंही न कंही लगाना है तथा आप अपने शेयरों के भाव रोज चैक नहीं करते आपको शेयर कुछ गिर भी जाये तो कोई चिन्ता नहीं होती तथा आप 3 से 5 साल के लिये निवेश करना चाहते हैं उनके लिये पहली विधी बतायी है।
2. दुसरी विधी मघ्यम अवधि के निवेशकों के लिये है जो एक से तीन साल निवेश करना चाहते हैं।
3. तीसरी विधी उन छोटे निवेशकों के लिये है जो अपने शेयरों के प्राईस बार बार चैक करते हैं जिनकों प्राईस नीचे गिरने पर चिन्ता भी होती है तथा जो छोटी अवधि के लिये निवेश करते हैं।
जैसा कि पहले कहा है मैं यहां पुरी किताब हिन्दी में नहीं करके दे रहा इसलिये आपको ज्यादा जानकारी के लिये 199 रूपये खर्च करके पुस्तक लेनी ही होगी ज्यादातर मैरे फोलोवर ने तो पहले ही ले ली है इसलिये आप यदि पहली बार मेरे ब्लोग पढ रहे हैं तो ही आपको पुस्तक लेने की आवश्यकता है। 
ये पुस्तक किन्डले अनलिमिटेड पर आप फ्री भी पढ सकते हैं। 
नये फोलोवरों को मेरी सलाह है वो जल्दबाजी करके पुस्तक नहीं खरीदें क्यों कि इसमें कोई ऐसी जादु की छड़ी नहीं दी है जो आपको रातों रात करोड़पति बना देगी आप सिर्फ इस श्रखंला के लेख पढते रहें आपको साल भर में लगे कि इस विधी से कुछ फायदा है तो अगले साल इस पुस्तक का भाग 2 ले सकते हैं। 
तो इस श्रखंला में मैं आपको प्रैक्टीकल व सच्चे उदाहरणों से समझाउंगा कि सीमा कौशिक ने मेरी पुस्तक से अपना शेयर बाजार का रिस्क फ्री डायवर्सिफाईड पोर्टफोलियो कैसे बनाया? 

सीमा कौशिक मेरी पत्नी है जो एक गृहणी है तथा उपर बताये गये तीन प्रकार के निवेशकों में से तीसरे दर्जे में आती है आप चाहे अपने आप को लोन्ग टर्म निवेशक कहते हों परन्तु मैं जानता हुं कि ज्यादातर निवेशक शोर्ट टर्म वाले ही होते हैं वो जब किसी शेयर में फसं जाते हैं तो अपनी आत्मा की शांति के लिये लोन्ग टर्म वाले बन जाते हैं। 
अर्थात सीमा कौशिक छोटी निवेशक है तथा छोटी अवधि में बगैर घाटा खाये शेयरों में निवेश करना चाहती है। 
उसने मेरी पुस्तक "Top 100 Diversified Undervalued Indian Stocks For FY 2017-2018" से उसी प्रकार निवेश करने की योजना बनायी जैसा पुस्तक में बताया गया है कि छोटे निवेशकों को प्रति सप्ताह पुस्तक में दिये गये 100 शेयरों में से रेंकवाईज ऐसे शेयर का चयन करना है जो उसकी 200 डीएमए से उपर ट्रेड कर रहा हो तथा उसमें से रेंकवाईज जो शेयर सबसे उपर रेंक में हो उसमें 6400 रूपये का निवेश करना है।
 फिर इस शेयर को तब तक होल्ड करना है जब तक कि या तो उसमें हमें खरीद मूल्य का 20 प्रतिशत मुनाफा नहीं हो जाये या ये शेयर जब उसकी 200 दिन की मूविंग ऐवरेज से 5 प्रतिशत नीचे जाकर बंद नहीं हो जाये। अर्थात हम या तो 20 प्रतिशत मुनाफा बुक करेगें या जब शेयर उसकी 200 दिन की मूविंग ऐवरेज से नीचे बंद हो जायेगा तो उसको अस्थायी रूप से बेचकर बचा हुआ कैश वापस ले लेगें तथा उसका इंतजार करेगें जब भी वो 200 दिन की मूविंग ऐवरेज से 5 प्रतिशत उपर आकर बंद होगा तब उतने ही शेयर वापस ले लेगें जितने हमने बेचे थे। 
आप यदि इसे नहीं भी समझे हैं तो इस लेख के आगामी भागों को साक्षी भाव से देखते रहिये कि क्या होता है तब आप सब कुछ समझ जायेगें। चलिये अब संक्षेप में देखतें है कि क्या हुआ सीमा कौशिक ने मेरी पुस्तक के रेंक 1 शेयर की जिसका नाम चेन्नई पैट्रोलियम कोरपोरेशन लिमिटेड है कि 200 दिन की डीएमए बुधवार 28.06.2017 को 331 के आसपास थी और शेयर 349 पर ट्रेड कर रहा था इसलिये 200 डीएमए से उपर होने के कारण सीमा कौशिक ने 18 शेयर चेन्नई पैट्रोलियम कोरपोरेशन के ले लिये जैसा कि नीचे की ट्रेड बुक स्नेपशोट में देखिये:-

कुल मिलाकर सीमा को 6329.49 रूपये का निवेश करना पड़ा था जैसा कि पुस्तक में बताया है आपको एक सप्ताह मे एक ही शेयर में निवेश करना है। 
सीमा प्रत्येक बुधवार या गुरूवार को निवेश करेगी तथा अगले बुधवार को रेंक 2 के शेयर की 200 डीएमए चैक करेगी यदि वो उससे 5 से 15 प्रतिशत उपर हुआ तो रेंक 2 का शेयर लेगी नहीं हो रेंक 3 को चेक करेगी वो भी फिट नहीं हुआ तो रेंक 4 के शेयर पर विचार करेगी पर एक सप्ताह में एक ही शेयर लेगी। 
तो अगले रविवार को फिर मिलते हैं ये बताने के लिये कि आगे क्या होता है। अब 28.06.07 सीमा की बैलेंस शाीट निम्न प्रकार थीः- 

उक्त पुस्तक की ज्यादा जानकारी निम्न लिंक से लिजियेः- 
एक प्रश्न आपके मन में आ रहा होगा जब मेरी पत्नी गृहणी है तो शेयरों में लगाने के लिये पैसा कहां से आता है? 
क्या मैं उसे अपने पैसे उधार देता हुं? 
नहीं ऐसा नहीं है वो गृहणी है पर उसका यूटयूब पर खाने से संबधित चैनल है जिसका नाम है सीमा की रसोई तथा इस पर विज्ञापनों से उसको इतनी आय हो जाती है कि वो इस सिस्टम के तहत प्रति सप्ताह निवेश कर सकती है।
 अब आप कमेंट में ये मत पुछना कि महेश सर यूटयूब पर चैनल खोल कर कैसे पैसा कमा सकते हैं? 
आप यूटयूब पर इससे सबंधित विडीयो देख सकते हैं आपको पता चल जायेगा कि यूटयूब पर विज्ञापनों से आय कैसे करते हैं 
उपर की कहानी एकदम सच्ची बतायी जा रही है ईमानदारी के सबूत के तौर पर ट्रेड बुक का स्क्रीनशोट भी उपर दिया है, तथा आप सीमा की रसोई चैनल भी इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं:-
 और सब्सक्राईब करते हैं तो स्वभाविक है हमें और भी खुशी होगी। 
अगला भाग इस लिंक पर पढियेः-
सीमा कौशिक के शेयर पोर्टफोलियो निमार्ण का दुसरा सप्ताह
Regards
Mahesh Kaushik
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